शब्दार्थ
मय-परस्ताँ
mai-parastāñ
hinoun, plural
अर्थ
शराब के प्रेमी, मदिरा-भक्त या पियक्कड़ लोग।
विस्तार
उर्दू और फ़ारसी शायरी में 'मय-परस्ताँ' से अभिप्राय मदिरा के प्रेमियों या मस्तों से है। प्रस्तुत शेर में यह उन प्यासों के लिए प्रयुक्त हुआ है जो साक़ी की अनुपस्थिति में सीधे मटके से ही मुँह लगा लेते हैं। लाक्षणिक रूप से यह उन सच्चे साधकों का प्रतीक है जो रस्म-ओ-रिवाज के पाबंद नहीं होते।
व्युत्पत्ति
Persian compound of 'mai' (wine) + 'parast' (root of parastīdan, to worship) + plural suffix '-ān'.
प्रयोग
In the ghazal tradition, this plural noun commonly symbolizes non-conformist, sincere lovers who reject religious orthopraxy in favor of spiritual intoxication.
उदाहरण
मय-परस्ताँ को भला होश से क्या लेना-देना
मय-परस्ताँ की नज़र साक़ी के जाम पर है
समानार्थी
मय-कशबादा-ख़्वाररिंद
संबंधित शब्द
मय-ख़ानासाक़ीख़ुममय-कशी
