शब्दार्थ
मद
madd
hinoun
अर्थ
ज्वार, समुद्र के पानी का चढ़ाव, फैलाव।
विस्तार
अरबी मूल का शब्द 'मद' (मद्द) फैलाव, विस्तार तथा समुद्र के पानी के चढ़ाव (ज्वार) को दर्शाता है। प्रस्तुत शेर में यह 'जज़्र-ओ-मद' (उतार-चढ़ाव या भाटा और ज्वार) के रूप में प्रयुक्त हुआ है, जहाँ यह लहरों के जोश और उफान का प्रतीक है। कवि यहाँ लहरों के उठने को किसी गुप्त अलौकिक प्रेम या राज़ की बेचैनी से जोड़ता है।
व्युत्पत्ति
Arabic root م-د-د (m-d-d), denoting stretching, extending, or swelling.
प्रयोग
In Urdu poetry, it is most commonly paired with 'jazr' (ebb) to form 'jazr-o-madd', signifying cyclical changes, rise and fall, or cosmic restlessness.
उदाहरण
जज़्र-ओ-मद-ए-हयात का तमाशा
मद-ए-तूफ़ाँ से किनारा न मिला
समानार्थी
ज्वारउफ़ानउभार
संबंधित शब्द
जज़्रजज़्र-ओ-मदबहरमौज
