शब्दार्थ
मजरूह
majrooh
hiadjective
अर्थ
घायल, ज़ख़्मी, आहत।
विस्तार
उर्दू शायरी में 'मजरूह' का अर्थ ज़ख़्मी या आहत होता है। प्रस्तुत शेर में यह 'सीना-ए-मजरूह' (घायल सीना) के रूप में आया है, जिस पर नमक मलने की बात कही गई है ताकि दर्द का लुत्फ़ उठाया जा सके। यह आशिक़ के दिल की उस हालत को दर्शाता है जहाँ वह ज़ख़्मों और पीड़ा में भी लज्ज़त तलाशता है।
व्युत्पत्ति
Arabic (مجروح / majrūḥ), passive participle from the triconsonantal root j-r-ḥ (جرح), meaning 'to wound' or 'to lacerate'.
प्रयोग
Commonly invoked in ghazals to characterize the lover's lacerated heart or spirit, often paired with salt or arrows to heighten tragic pathos.
उदाहरण
दिल-ए-मजरूह की हालत न पूछिए
सीना-ए-मजरूह पर नमक छिड़कना
समानार्थी
ज़ख़्मीघायलफ़गारआहत
संबंधित शब्द
जराहजराहतज़ख़्म
