शब्दार्थ
मजबूरी
majbūrī
hinoun (feminine)
अर्थ
लाचारी, विवशता, बेबसी अथवा असमर्थता।
विस्तार
उर्दू शायरी में 'मजबूरी' का अर्थ लाचारी, विवशता और स्वायत्तता का अभाव है। प्रस्तुत शेर में यह उन धार्मिक रहनुमाओं की असमर्थता और व्यर्थता पर अफ़सोस व्यक्त करने के लिए आया है जिनकी कोशिशों से दिलों की रोशनी बुझ गई। यह इंसान की उस बेबसी को दर्शाता है जहाँ वह परिस्थितियों के आगे विवश होता है।
व्युत्पत्ति
From Arabic 'majbūr' (مجبور, compelled/forced) from the root j-b-r (ج-ب-ر), combined with the Persian/Urdu abstract noun suffix '-ī' (ی).
प्रयोग
In ghazal poetry, it is frequently contrasted with free will ('ikhtiyār') to evoke pathos over unyielding fate and emotional helplessness.
उदाहरण
मजबूरी-ए-शौक़ का इज़हार
वा-ए-मजबूरी-ए-हालात
समानार्थी
बेबसीलाचारीविवशताबे-इख़्तियारी
संबंधित शब्द
मजबूरजबरइख़्तियारक़िस्मत
