शब्दार्थ

मज़मूँ

mazmūñ

hinoun

अर्थ

विषय, ख़याल, भाव, या केंद्रीय विचार।

विस्तार

उर्दू शायरी में 'मज़मूँ' से तात्पर्य किसी शेर के विचार, विषय अथवा केंद्रीय भाव से है। प्रस्तुत शेर में इसका अर्थ इश्क़ की प्यास और तड़प को शायरी के नए अंदाज़ में बाँधने से है। शायर ने माशूक़ की इस फ़रमाइश पर अपनी कल्पना के गहरे विस्तार से इस भाव को रचा है।

व्युत्पत्ति

Arabic, from the passive participle 'maḍmūn' (مضمون) of the root ḍ-m-n (ض-م-ن), signifying contents or that which is included.

प्रयोग

In the ghazal tradition, poets pride themselves on mazmūn-āfrīnī, the art of inventing novel poetic ideas.

उदाहरण

बाँधा न किसी ने कभी ऐसा मज़मूँ

मज़मून-ए-शौक़ का बयान

समानार्थी

विषयख़यालमुद्दामफ़हूम

संबंधित शब्द

मज़मूनमज़ामीनतज़मीनज़िम्न
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