शब्दार्थ
मजाज़
majāz
hinoun
अर्थ
रूपक, आभासी या लौकिक रूप, अवास्तविकता।
विस्तार
शास्त्रीय उर्दू और सूफ़ी काव्य में 'मजाज़' भौतिक या आभासी दुनिया को दर्शाता है, जो 'हक़ीक़त' (परम सत्य) का विलोम है। इस शेर में 'लिबास-ए-मजाज़' का अर्थ वह साकार या दृश्यमान आवरण है जिसे धारण करके परम सत्य से प्रकट होने की प्रार्थना की गई है। यह पद निराकार सत्य को साकार अनुभव में लाने के प्रतीक रूप में प्रयुक्त हुआ है।
व्युत्पत्ति
Arabic root j-w-z (ج-و-ز), originally denoting crossing over or passing beyond; hence a metaphor or figurative departure from literal truth.
प्रयोग
In classical ghazal tradition, 'majāz' is primarily used in conceptual opposition to 'haqīqat', representing the bridge of earthly forms to divine transcendence.
उदाहरण
इश्क़-ए-मजाज़ी से इश्क़-ए-हक़ीक़ी का सफ़र
लिबास-ए-मजाज़ में जलवा-नुमा होना
समानार्थी
ज़ाहिररूपकतम्सीलआभास
संबंधित शब्द
हक़ीक़तइश्क़-ए-मजाज़ीमजाज़न
