शब्दार्थ
मक़्सद
maqsad
hinoun
अर्थ
लक्ष्य, उद्देश्य, ध्येय, मंतव्य या अभीष्ट मुराद।
विस्तार
उर्दू शायरी में 'मक़्सद' का आशय किसी अभीष्ट लक्ष्य, अंतिम मुराद या मंज़िल से होता है। इस शे'र में यह 'मक़्सद-ए-निगाह-ए-नियाज़' की इज़ाफ़त में आया है, जिसका अर्थ है प्रेमी की विनीत और याचक दृष्टि का परम लक्ष्य अर्थात माशूक़। शायर व्यथा व्यक्त करता है कि यह अभीष्ट लक्ष्य पुनः पर्दे की ओट में छिप गया है।
व्युत्पत्ति
Arabic, from the root q-ṣ-d (ق-ص-د), meaning to intend, aim for, or direct oneself toward.
प्रयोग
Frequently employed in ghazals to signify the beloved or divine communion as the soul's supreme and unattainable quest.
उदाहरण
ज़िंदगी का मक़्सद सिर्फ़ तेरा दीदार था।
मक़्सद-ए-दिल न मिला राह-ए-मोहब्बत में कभी।
समानार्थी
मुद्दामंज़िलध्येयग़रज़
संबंधित शब्द
क़सदक़ासिदमक़सूद
