शब्दार्थ
मक्र
makr
hinoun
अर्थ
धोखा, छल, कपट, या फ़रेब।
विस्तार
उर्दू शायरी में 'मक्र' का अर्थ छल, कपट और झूठे प्रपंच से है। प्रस्तुत शेर में यह शब्द माशूक़ के वादों और वफ़ादारी की खोखली चालबाज़ी को दर्शाता है। यह प्रेमी के प्रति विश्वासघात और बनावटीपन की निंदा करने के लिए प्रयुक्त होता है।
व्युत्पत्ति
Arabic (مَكْر, makr), meaning cunning, plotting, deceit, or stratagem.
प्रयोग
In ghazal conventions, 'makr' typically describes the calculated emotional deceptions of the indifferent beloved or the treacherous world.
उदाहरण
मक्र-ओ-फ़रेब से भरी है उसकी हर बात।
अहद-ए-वफ़ा भी था उसका महज एक मक्र।
समानार्थी
फ़रेबधोखाहिलादग़ा
संबंधित शब्द
मक्कारमक्र-ओ-फ़रेबफ़रेब
