शब्दार्थ
मक़ाम
maqaam
hinoun, masculine
अर्थ
स्थान, पड़ाव, अवसर या उचित समय।
विस्तार
शास्त्रीय उर्दू शायरी में 'मक़ाम' का अर्थ स्थान, रुतबा, आध्यात्मिक मंज़िल या उचित अवसर होता है। ग़ालिब के इस शे'र में यह 'मौक़ा' या 'उपयुक्त घड़ी' के अर्थ में प्रयुक्त हुआ है। यहाँ आशिक़ की अंतिम सांसों की नज़ाकत यह तकाज़ा करती है कि अब लाज और संकोच त्याग देने का सही वक़्त आ गया है।
व्युत्पत्ति
Arabic (مَقَام), from the root q-w-m (ق-و-م), meaning 'to stand'; literally a place of standing, residence, or station.
प्रयोग
In the ghazal, it is frequently employed both for mystical spiritual stages (sufic stations) and as an izafat-construction meaning 'a juncture calling for' a specific act.
उदाहरण
मक़ाम-ए-शुक्र
मक़ाम-ए-इश्क़
समानार्थी
स्थानअवसरमंज़िलठिकाना
संबंधित शब्द
क़यामइस्तक़ामतमौक़ा
