शब्दार्थ

मक़दम

maqdam

hinoun, masculine

अर्थ

आगमन, पधारना या आमद।

विस्तार

शास्त्रीय शायरी में 'मक़दम' का अर्थ किसी पूज्य या प्रिय व्यक्ति का आगमन अथवा तशरीफ़-आवरी है। प्रस्तुत शेर में 'मक़दम-ए-यार' महबूब के पधारने की सूचना को दर्शाता है, जिसके स्वागत में निर्जीव दर-ओ-दीवार भी आगे बढ़ जाते हैं। यह शब्द प्रेम में विह्वल होकर किए जाने वाले स्वागत और प्रतीक्षा को प्रकट करता है।

व्युत्पत्ति

Arabic (مَقْدَم, maqdam), from the verbal root q-d-m (ق-د-م) signifying stepping forward, advancing, or arriving.

प्रयोग

In Urdu ghazal, it is often paired with 'yaar' (beloved) or used in compounds like 'khair-maqdam' (welcome) to evoke eager and devoted hospitality.

उदाहरण

नवेद-ए-मक़दम-ए-यार से महफ़िल खिल उठी।

तेरे मक़दम से वीराने में रौनक आ गई।

समानार्थी

आमदआगमनतशरीफ़-आवरी

संबंधित शब्द

ख़ैर-मक़दमक़दमइस्तक़बाल
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