शब्दार्थ
मक़्दूर
maqdūr
hinoun
अर्थ
सामर्थ्य, ताक़त, बिसात, वश या क्षमता।
विस्तार
शास्त्रीय उर्दू शायरी में 'मक़्दूर' का अर्थ ताक़त, बिसात या सामर्थ्य की सीमा होता है। प्रस्तुत शे'र में यह बेबसी और लाचारी की क्षमता अथवा सीमा को परखने के अर्थ में प्रयुक्त हुआ है। यह शब्द प्रायः नियति या विवशता के सम्मुख मनुष्य की सीमाओं को रेखांकित करता है।
व्युत्पत्ति
Arabic, derived from the root q-d-r (ق-د-ر), originally a passive participle denoting that which is decreed or within one's ability/power.
प्रयोग
In ghazal poetry, it is frequently used with negations like 'न होना' to emphasize human helplessness before fate or the beloved.
उदाहरण
मक़्दूर नहीं मुझ में कि मैं भूल सकूँ
जितना था मक़्दूर उतना ही वफ़ा की
समानार्थी
बिसातताक़तइख़्तियारसामर्थ्य
संबंधित शब्द
क़ुदरततक़दीरक़ादिर
