शब्दार्थ
मक़्ता
maqta
hinoun, masculine
अर्थ
समाप्ति, अंत, विच्छेद-स्थल या ग़ज़ल का अंतिम शेर।
विस्तार
शास्त्रीय शायरी में 'मक़्ता' सामान्यतः ग़ज़ल के अंतिम शेर को कहा जाता है जिसमें शायर अपना तख़ल्लुस लाता है। मूलतः इसका शाब्दिक अर्थ कटने का स्थान, समाप्ति या विराम-स्थल है। प्रस्तुत शेर में यह शब्द प्रेम और निष्ठा की यात्रा के अंतिम पड़ाव या समापन बिंदु के अर्थ में प्रयुक्त हुआ है।
व्युत्पत्ति
Arabic root q-t-ʿ (ق-ط-ع), denoting cutting, severing, or bringing to an end.
प्रयोग
While predominantly understood as the closing signature couplet of a ghazal, poets also exploit its literal Arabic sense of an endpoint or division.
उदाहरण
मक़्ते में शायर ने अपना तख़ल्लुस ख़ूबसूरती से बाँधा है।
इस शहर को अपने सफ़र का मक़्ता न समझो।
समानार्थी
इख़्तितामख़ातमाअंजाम
संबंधित शब्द
मतलाक़तातख़ल्लुस
