शब्दार्थ
मअज़ूर
ma'zoor
अर्थ
माफ़ किया हुआ, क्षम्य, विवश या जिसे छूट प्राप्त हो।
विस्तार
शास्त्रीय शायरी में 'मअज़ूर' का तात्पर्य उस व्यक्ति से है जिसे कोई मान्य उज़्र (बहाना या कारण) प्राप्त हो और जो दोषमुक्त माना जाए। प्रस्तुत शेर में आशिक़ कहता है कि माशूक़ की बेपरवाही और उपेक्षा (तग़ाफ़ुल) किसी भी सूरत में क्षम्य नहीं है। यदि वह मेहरबानी नहीं कर सकता तो सितम ढाए, क्योंकि बेरुख़ी बरतने का कोई भी बहाना स्वीकार्य नहीं है।
व्युत्पत्ति
Arabic (معذور / ma'dhūr), passive participle from the triconsonantal root ع-ذ-ر ('-dh-r), meaning to excuse, pardon, or exonerate.
प्रयोग
In the ghazal tradition, the word is commonly used to reject the beloved's excuses for indifference or to depict the lover's genuine helplessness.
उदाहरण
इश्क़ के इम्तिहान से दिल मअज़ूर नहीं हो सकता।
माशूक़ का तग़ाफ़ुल किसी भी रंग में मअज़ूर नहीं।
