शब्दार्थ
मोहरा-दर-शश्दर
mohra-dar-shashdar
hinoun phrase
अर्थ
चौपड़ की फँसी गोटी; अत्यंत लाचार या हक्का-बक्का।
विस्तार
शाब्दिक रूप से यह नर्द (चौपड़) के खेल का रूपक है, जहाँ गोटी छहों ख़ानों से घिर जाने पर कोई चाल नहीं चल पाती। लाक्षणिक तौर पर इसका अर्थ अत्यंत लाचार, किंकर्तव्यविमूढ़ या चारों ओर से फँसा हुआ व्यक्ति होता है। प्रस्तुत शे'र में तस्बीह (माला) के फेर ने शायर को उसी तरह लाचार और हतप्रभ कर दिया है।
व्युत्पत्ति
Persian compound consisting of 'mohra' (game piece/bead), 'dar' (in), and 'shashdar' (six-sided trap/impasse in backgammon).
प्रयोग
Commonly employed in classical Urdu and Persian poetry as a gambling metaphor to express existential paralysis or romantic and spiritual helplessness.
उदाहरण
ग़म के घेरे में मोहरा-दर-शश्दर होना
ज़माने की चाल से मोहरा-दर-शश्दर रह जाना
समानार्थी
हैरानलाचारसरगर्दूँबेबस
संबंधित शब्द
शशदरमोहरानरदबिसात
