शब्दार्थ
मोहरा
mohra
hinoun
अर्थ
शतरंज या चौपड़ की गोटी; पासा।
विस्तार
उर्दू शायरी में 'मोहरा' शतरंज अथवा चौपड़ की गोटी के रूप में प्रयुक्त होता है, जो प्रायः तक़दीर या मानवीय चालों का प्रतीक है। इस शेर में यह दार्शनिक तर्क-वितर्क और बौद्धिक दांव-पेंच की निरर्थकता को दर्शाता है। यहाँ खेल और गोटियों का मिट जाना रूहानी इश्क़ के सम्मुख शुष्क बुद्धि की पराजय को प्रकट करता है।
व्युत्पत्ति
Persian 'muhra' (مہرہ), denoting a polished bead, shell, vertebra, or gaming piece.
प्रयोग
In classical Urdu poetry, it is frequently employed as an allegory for human helplessness under the moves of fate on the chessboard of existence.
उदाहरण
तक़दीर की बसात पर बेबस मोहरा।
न कोई चाल बची न कोई मोहरा रहा।
समानार्थी
गोटीनरद
संबंधित शब्द
बिसातशतरंजबाज़ीचाल
