शब्दार्थ

मुसल्ला

musallā

hinoun

अर्थ

नमाज़ पढ़ने की चटाई या बिछौना; जा-ए-नमाज़।

विस्तार

मुसल्ला उस चटाई या कपड़े को कहते हैं जिस पर खड़े होकर नमाज़ पढ़ी जाती है। उर्दू शायरी में यह अक्सर ज़ाहिद या वाइ'ज़ के बाहरी दिखावे और धार्मिक पाखंड के प्रतीक के रूप में आता है। प्रस्तुत शेर में वाइ'ज़ के मुसल्ले और चादर का ज़िक्र शराबखाने में गिरवी रखे जाने के संदर्भ में व्यंग्यात्मक ढंग से हुआ है।

व्युत्पत्ति

Arabic, derived from the root ṣ-l-w (ص-ل-و), related to 'salat' (prayer); grammatically a noun of place/instrument denoting a place where prayer is performed.

प्रयोग

In classical Urdu ghazal, the musalla is routinely juxtaposed with wine and the tavern (maikhana) to subvert formal ritualism and mock the hypocritical preacher.

उदाहरण

मुसल्ला बेच कर मयख़ाने का रुख़ करना

वाइ'ज़ का मुसल्ला और रिदा की नुमाइश

समानार्थी

जा-ए-नमाज़सज्जादा

संबंधित शब्द

रिदातस्बीहसज्जादानमाज़
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