शब्दार्थ
मुंसिफ़ी
munṣifī
hinoun
अर्थ
न्याय, इंसाफ़, निष्पक्षता या फ़ैसला करने का अमल।
विस्तार
शास्त्रीय उर्दू शायरी में 'मुंसिफ़ी' का अर्थ इंसाफ़, न्याय और निष्पक्ष विचार करना होता है। प्रस्तुत शे'र में शायर इंसाफ़ की मांग करते हुए कहता है कि यदि निष्पक्षता से देखा जाए तो वह पूर्णतः निर्दोष है। यह शब्द अमूमन माशूक़ या ज़माने के ज़ुल्म के मुक़ाबले में इंसाफ़ की पुकार के रूप में आता है।
व्युत्पत्ति
From Arabic root n-ṣ-f (نصف, 'to act equitably') yielding the active participle 'munṣif' (judge/arbiter), compounded with the Persian abstract suffix '-ī'.
प्रयोग
In the ghazal, poets frequently invoke 'munsifi' to protest the arbitrary cruelty of the beloved or the unjust decrees of destiny.
उदाहरण
मुंसिफ़ी की राह देखना
माशूक़ के दरबार में मुंसिफ़ी तलब करना
समानार्थी
इंसाफ़अद्लन्यायदाद-रसानी
संबंधित शब्द
मुंसिफ़इंसाफ़अदालतबे-तक़सीर
