शब्दार्थ
मुस्तआर
musta'ār
hiadjective
अर्थ
उधार लिया हुआ, माँगा हुआ, आरियतन।
विस्तार
मुस्तआर का अर्थ किसी और से माँगी हुई या उधार ली गई चीज़ है। प्रस्तुत शे'र में इसका प्रयोग यह दर्शाने के लिए हुआ है कि सूरज या संसार का सारा नूर दरअसल महबूब (या ईश्वर) के हुस्न से उधार लिया हुआ है। यह तसव्वुफ़ और शायरी में दुनियावी चमक की क्षणभंगुरता और अवास्तविकता को व्यक्त करता है।
व्युत्पत्ति
Arabic root ع-و-ر (ʿ-w-r), from form X passive participle (musta'ār), meaning borrowed or sought on loan.
प्रयोग
In classical Urdu ghazal, it frequently qualifies life, breath, or light to emphasize the ephemeral and dependent nature of mortal existence.
उदाहरण
ज़िंदगी भी इक मुस्तआर साँस है
हुस्न-ए-गुल तो मुस्तआर-ए-बहार है
समानार्थी
उधारआरियतीमाँगा हुआ
संबंधित शब्द
इस्तिआराआरियतउधार
