शब्दार्थ
मिसों
masoñ
hinoun
अर्थ
किशोरावस्था में होंठों पर उगने वाले बारीक रोएँ या मूँछें।
विस्तार
शास्त्रीय उर्दू शायरी में 'मस' या 'मिस' का अर्थ किशोरावस्था के आगमन पर होंठों पर उभरने वाले कोमल रोएँ या नवजात मूँछों से है। इस शे'र में आशिक़ अपने महबूब के होंठों पर उभरे इस नाज़ुक रोएँ को नदी किनारे की ताज़ा हरी घास से भी अधिक आकर्षक बताता है। यह यौवन के आगमन और उसके स्वाभाविक सौंदर्य का पारंपरिक रूपक है।
व्युत्पत्ति
From Prakrit massu, originating from Sanskrit śmaśru (meaning beard or mustache), evolving in Hindustani into feminine noun 'mas'.
प्रयोग
A staple trope in ghazal poetry, often used in the idiom 'masen bheegna' to celebrate the early threshold of youth and compared to soft green foliage.
उदाहरण
लबों पर मिसों का भीगना हुस्न की नई शुरुआत है।
सब्ज़ा-ए-ख़त के आगे चमन का हुस्न भी फीका लगा।
समानार्थी
रोएँख़त-ए-नौख़ेज़सब्ज़ा-ए-लब
संबंधित शब्द
ख़तसब्ज़ालबरूख़्सार
