शब्दार्थ

माशूक़-फ़रेबी

mashooq-farebi

hinoun

अर्थ

माशूक़ (प्रेमिका) को धोखा देने या छलने का काम।

विस्तार

इसका आशय प्रेमिका को चकमा देने, बहकाने या बातों में उलझाने की चालाकी से है। पारंपरिक ग़ज़ल में आशिक़ सदा लाचार और पीड़ित दिखाया जाता है, किंतु यहाँ शायर इस रिवायत को उलटकर ख़ुद माशूक़ को ठगने का दावा करता है। इस शेर में आशिक़ का यह हुनर इतना गहरा है कि लैला भी मजनूँ को छोड़ उसकी मुरीद बन जाती है।

व्युत्पत्ति

Compound formed from Arabic 'mashūq' (the beloved, one who is loved) and Persian 'farebī' (deception, trickery, from 'fareb' with the abstract suffix '-ī').

प्रयोग

A rare and witty trope in the ghazal that humorously reverses the conventional power dynamic between the cruel beloved and the submissive lover.

उदाहरण

माशूक़-फ़रेबी का हुनर हर किसी के बस का नहीं।

इश्क़ में माशूक़-फ़रेबी से काम निकालना ग़ैर-मामूली है।

समानार्थी

दिलबर-फ़रेबीयार-फ़रेबीदग़ाबाज़ी

संबंधित शब्द

माशूक़फ़रेबफ़रेबीआशिक़ी
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