शब्दार्थ

माशूक़

maashooq

hinoun

अर्थ

प्रेमी का प्रियतम, महबूब

विस्तार

उर्दू शायरी में 'माशूक़' का अर्थ उस प्रियतम से है जिससे बेपनाह इश्क़ किया जाए। इस शे'र में आशिक़ अपनी मौत से नहीं डरता, बल्कि उसे यह चिंता है कि कहीं उसकी मौत से माशूक़ का भेद ज़माने में ज़ाहिर और रुस्वा न हो जाए। यह शब्द शास्त्रीय ग़ज़ल की उस केंद्रीय हस्ती को दर्शाता है जो अक्सर बेपरवाह और ज़ालिम मगर दिलकश होती है।

व्युत्पत्ति

Arabic: passive participle of the root 'ʿ-sh-q' (ع-ش-ق), meaning passionate or intense love.

प्रयोग

In classical ghazals, 'maashooq' traditionally takes grammatical masculine markers even when referring to a female beloved, emphasizing the universal and spiritual nature of love.

उदाहरण

राज़-ए-माशूक़ न रुस्वा हो जाए

माशूक़ की हर अदा में क़हर था

समानार्थी

महबूबसनमदिलबरजानाँ

संबंधित शब्द

आशिक़इश्क़माशूक़ा
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