शब्दार्थ

मा'शूक़

ma'shooq

hinoun

अर्थ

महबूब; वह जिससे इश्क़ किया जाए, प्रियतम।

विस्तार

'मा'शूक़' का अर्थ है वह जिससे इश्क़ किया जाए, अर्थात् प्रियतम या महबूब। उर्दू शायरी में यह लौकिक प्रेमिका तथा ईश्वरीय सत्ता दोनों के लिए प्रयुक्त होता है। प्रस्तुत शेर में शायर ने अपने हर मिसरे (काव्य-पंक्ति) के सौंदर्य और खिंचाव को एक शोख़ मा'शूक़ की तरह चित्रित किया है।

व्युत्पत्ति

Arabic origin; passive participle formed from the trilateral root 'ain-shīn-qāf (ع-ش-ق), meaning 'to love passionately'.

प्रयोग

In the ghazal tradition, the ma'shooq is conventionalized as breathtakingly beautiful, aloof, and perpetually cruel to the suffering lover.

उदाहरण

मा'शूक़ की अदाओं पर आशिक़ निसार होता है।

मा'शूक़-ए-सितमगर की बेरुखी भी दिल को भाती है।

समानार्थी

महबूबजानाँसनमदिलबर

संबंधित शब्द

आशिक़इश्क़मा'शूक़ाआशिक़ी
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