शब्दार्थ
मील
mayl
hinoun
अर्थ
झुकाव, रुझान, दिली रग़्बत या लगाव।
विस्तार
शास्त्रीय शायरी में यह शब्द विशेष रूप से मन के झुकाव, लगाव या रुझान के लिए प्रयुक्त होता है, जैसा कि 'मील-ए-ख़ातिर' (दिल का रुझान) में दिखता है। प्रस्तुत शे’र में इसका तात्पर्य यह है कि संसार के मनभावन पड़ाव में किसी के दिल में आगे के सफ़र के लिए कोई रुचि या झुकाव शेष नहीं रहता। यह सांसारिक सुखों में लीन होकर मंज़िल से विमुख होने की स्थिति को दर्शाता है।
व्युत्पत्ति
Arabic مَيْل (mayl), denoting leaning, inclination, or bent.
प्रयोग
Frequently found in izafat constructs such as 'mail-e-khatir' or 'mail-e-dil' to denote emotional gravitation toward or away from a desire.
उदाहरण
अब दिल में किसी और सिम्त का मील नहीं रहा।
सफ़र की जानिब तबीयत का कोई मील न था।
समानार्थी
झुकावरुझानरग़बतशौक़
संबंधित शब्द
ख़ातिरसफ़रराग़िबमाएल
