शब्दार्थ
मूरिद
Maurid
hinoun
अर्थ
कृपा या क्रोध का पात्र, लक्ष्य अथवा प्राप्ति-स्थान।
विस्तार
शास्त्रीय उर्दू शायरी में 'मूरिद' उस व्यक्ति अथवा स्थान को कहते हैं जो किसी कृपा, दया या क्रोध का लक्ष्य व पात्र बनता है। इस शेर में 'मूरिद-ए-इनायत' का आशय प्रियतम की दया व अनुकंपा के पात्र (यहाँ 'ग़ैर') से है। आशिक़ यह शिकवा करता है कि सच्चा प्रेम रखने पर भी प्रिय की कृपा केवल प्रतिद्वंद्वी को ही मिल रही है।
व्युत्पत्ति
Arabic, derived from the root w-r-d (و-ر-د), denoting a place of descent, arriving at water, or becoming a recipient/target (مَوْرِد).
प्रयोग
Commonly employed in izafat constructions to characterize either the receiver of kindness (maurid-e-ināyat) or the victim of displeasure (maurid-e-itāb).
उदाहरण
मूरिद-ए-इल्ज़ाम
मूरिद-ए-इताब
समानार्थी
पात्रहदफ़मर्कज़
संबंधित शब्द
वारिदइनायतवुजूद
