शब्दार्थ
मिर्ज़ा-रफ़ी
Mirza-Rafi
अर्थ
उर्दू के प्रसिद्ध क्लासिकी शायर मिर्ज़ा मुहम्मद रफ़ी 'सौदा'
विस्तार
मिर्ज़ा-रफ़ी से आशय 18वीं सदी के शीर्षस्थ क्लासिकी शायर मिर्ज़ा मुहम्मद रफ़ी 'सौदा' से है। इस शे'र में उन्हें 'मीर' और 'ख़्वाजा मीर' के साथ उर्दू के अप्रतिम उस्ताद शायरों के रूप में याद किया गया है। वे मुख्य रूप से क़सीदा और व्यंग्य (हज्व) के बेजोड़ उस्ताद माने जाते हैं।
व्युत्पत्ति
Persian and Arabic; 'Mirza' is a Persian contraction of 'Amir-zada' (nobly born), and 'Rafi' is an Arabic root meaning elevated, sublime, or exalted.
प्रयोग
In classical tazkiras and poetry, this name is invoked as a quintessential benchmark of poetic majesty, vigorous diction, and satirical wit.
उदाहरण
क़सीदे के मैदान में मिर्ज़ा-रफ़ी का मर्तबा सबसे बुलंद माना जाता है।
सुख़न के उस्तादों में मिर्ज़ा-रफ़ी का नाम बड़े अदब से लिया जाता है।
