शब्दार्थ

मोर

mor

hinoun

अर्थ

चींटी; दुर्बलता और नश्वरता की प्रतीक।

विस्तार

शास्त्रीय उर्दू और फ़ारसी शायरी में 'मोर' (उच्चारण: मूर) का अर्थ चींटी होता है, जिसे परम लाचारी और नश्वरता के प्रतीक रूप में बाँधा जाता है। इस शेर में इसका आशय क़ब्र की चींटी से है; कवि दर्शाता है कि संसार में कितना भी बलवान रहा शरीर अंततः मिट्टी की एक चींटी के मुक़ाबले विवश हो जाता है। हिंदी में इसे मयूर समझ लेना ग़लतफ़हमी है, क्योंकि यहाँ प्रसंग 'उहदा-ए-मोर' यानी चींटी के अधिकार से न छूट पाने का है।

व्युत्पत्ति

Persian 'mūr' (مور), meaning ant (cognate with Sanskrit 'vamrī' and Latin 'formica').

प्रयोग

In ghazal tradition, the ant (mor) is most famously contrasted with the pomp of Solomon (Sulaiman) or used to depict the final helplessness of the human body in the grave.

उदाहरण

पा-माल-ए-मोर होना

मोर-ए-कमज़ोर पर रहम

समानार्थी

चींटीमूर

संबंधित शब्द

उहदाक़ब्रसुलेमानख़ाक
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