शब्दार्थ

मामूरी

ma'mūrī

hinoun

अर्थ

आबादी, प्रचुरता, संपन्नता या परिपूर्ण होने की अवस्था।

विस्तार

शास्त्रीय उर्दू काव्य में 'मामूरी' का प्रयोग आबादी, प्रचुरता और संपन्नता के भाव में होता है। प्रस्तुत शेर में यह पश्चिमी सभ्यता में बुद्धि और अक़्ल ('ख़िरद') की अत्यधिक उन्नति तथा परिपूर्णता को दर्शाता है, जो रूहानी और दिली तबाही की क़ीमत पर हासिल हुई है। यह बुद्धि की समृद्धि और हृदय की वीरानी के द्वंद्व को रेखांकित करता है।

व्युत्पत्ति

Arabic, derived from the root 'ع-م-ر' ('a-m-r) relating to inhabiting, building, or flourishing, entering Urdu through Persian with the abstract noun suffix '-ī'.

प्रयोग

In ghazal poetry, 'ma'mūrī' is conventionally contrasted with 'kharābī' or 'vīrānī' to symbolize the tension between external prosperity and internal desolation.

उदाहरण

ख़िरद की मामूरी ओ दिल की वीरानी

मामूरी-ए-जहाँ में भी दिल की उदासी

समानार्थी

आबादीसम्पन्नताफ़रावानीरौनक़

संबंधित शब्द

मामूरतामीरउम्र
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