शब्दार्थ

मे'मार

me'mār

hinoun, masculine

अर्थ

भवन निर्माता, शिल्पी, राजगीर या रचनाकार।

विस्तार

'मे'मार' का शाब्दिक अर्थ भवन बनाने वाला शिल्पी, राजगीर या वास्तुकार होता है। शायरी में इसका लाक्षणिक प्रयोग भावों, अरमानों अथवा स्थितियों की रचना करने वाले के लिए होता है। प्रस्तुत शेर में आँख की निगाह को 'मे'मार-ए-हसरत-हा' यानी हसरतों और तमन्नाओं का निर्माण करने वाला कहा गया है।

व्युत्पत्ति

Arabic مِعْمَار (mi'mār), derived from the trilateral root ع-م-ر (ʿ-m-r), pertaining to building, dwelling, inhabiting, or living.

प्रयोग

In ghazal poetry, it is frequently contrasted with images of ruins (ख़राबा) or paired with concepts like yearning (हसरत) and sorrow (ग़म).

उदाहरण

मे'मार-ए-दिल ने तबाही की बुनियाद रखी।

हर नया मे'मार बस ख़्वाबों का महल बनाता है।

समानार्थी

शिल्पीराजगीरबानीरचनाकार

संबंधित शब्द

ता'मीरइमारतआबादीवीरानी
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