शब्दार्थ
मानियां
maaniyaan
hiverb
अर्थ
स्वीकार नहीं कीं, बात नहीं मानी (स्त्रीलिंग बहुवचन रूप)।
विस्तार
शास्त्रीय उर्दू शायरी में 'मानियां' क्रिया 'मानना' का प्राचीन या काव्यात्मक स्त्रीलिंग बहुवचन भूतकालिक रूप है। इस शे'र में इसका आशय यह है कि महबूब ने प्रेमी की बातों अथवा इल्तिजाओं को अनसुना कर दिया। यह रक़ीबों की बातें सुनने और आशिक़ की अर्ज़ी को ठुकराने की बेरुख़ी को व्यक्त करता है।
व्युत्पत्ति
Sanskrit māna (मान) via Prakrit into Hindi-Urdu verb mānnā (मानना).
प्रयोग
In classical ghazal, the archaic verbal ending '-iyāñ' (in place of modern '-īñ') was frequently employed to maintain meter and rhyme.
उदाहरण
उसने हमारी लाख मिन्नतें न मानियां
दिल की बातें किसी ने न मानियां
समानार्थी
मानींसुनींस्वीकारीं
संबंधित शब्द
माननाबातइल्तिजा
