शब्दार्थ
मिन्नत
minnat
hinoun, feminine
अर्थ
एहसान, आभार या अनुनय-विनय।
विस्तार
उर्दू शायरी में 'मिन्नत' का तात्पर्य किसी का एहसान उठाने, उपकार मानने अथवा अनुनय-विनय करने से है। इस शे'र में यह 'मिन्नत-ए-इक़बाल' (सौभाग्य का एहसान) के रूप में आया है, जिसे स्वीकार करने से शायर का स्वाभिमान साफ़ इनकार करता है। यह शब्द स्वाभिमानी आशिक़ या फ़क़ीर की उस मनोदशा को दर्शाता है जो किसी भी कृपा के बोझ से दूर भागती है।
व्युत्पत्ति
Arabic 'minnah' (منة), meaning grace, blessing, favor, or an obligation placed upon someone.
प्रयोग
In the ghazal tradition, 'minnat' is often set against self-respect (ghairat), contrasting the shame of being indebted even to destiny with absolute spiritual independence.
उदाहरण
मिन्नत-कश-ए-दवा न हुआ
किसी की मिन्नत उठाना गवारा नहीं
समानार्थी
एहसानउपकारइल्तिजाआभार
संबंधित शब्द
मिन्नत-कशमिन्नत-वारमिन्नत-पज़ीर
