शब्दार्थ
मा'नी
ma'ni
hinoun
अर्थ
अर्थ, आशय, भाव या तात्पर्य।
विस्तार
शायरी में यह लफ़्ज़ (शब्द) के मुक़ाबले आंतरिक भाव, गहराई या अर्थवत्ता को दर्शाता है। प्रस्तुत शेर में शायर उपेक्षा भाव से कहता है कि यदि आलोचकों को उसके शेरों में कोई मानी या अर्थ नहीं दिखता, तो भी उसे कोई परवाह नहीं। यह शब्द प्रायः उस गहरे चिंतन के लिए प्रयुक्त होता है जो बाह्य रूप के भीतर छुपा होता है।
व्युत्पत्ति
Arabic مَعْنًى (maʿnā, pl. maʿānī), from the root ع-ن-ي (ʿ-n-y) denoting 'to intend, mean, or concern'.
प्रयोग
In classical Urdu ghazal, 'ma'ni' is frequently juxtaposed with 'lafz' (word) or 'surat' (form) to contrast internal substance with external expression.
उदाहरण
मा'नी की तलाश में लफ़्ज़ खो गए
हर शेर में इक नया मा'नी छुपा है
समानार्थी
अर्थआशयतात्पर्यमुराद
संबंधित शब्द
मफ़हूममतलबलफ़्ज़सूरत
