शब्दार्थ

मिजमरहा

mijmarhaa

hinoun (plural)

अर्थ

धूपदानियाँ, अंगीठियाँ या लोबानदानी (बहुवचन)।

विस्तार

शायरी में 'मिजमरहा' शब्द अरबी मूल के 'मिजमर' (धूपदान) का फ़ारसी बहुवचन रूप है, जिसका अर्थ कई धूपदान या अंगीठियाँ हैं। इस शेर में ग़ालिब ने दिल के दाग़ को कई धूपदानों से उठते धुएँ के समान बिखरा हुआ दर्शाया है। यह शब्द प्रेम के सुलगते दर्द और उससे उठने वाली आहों की गहनता को व्यक्त करता है।

व्युत्पत्ति

From Arabic 'mijmar' (censer, from the triconsonantal root j-m-r denoting embers) combined with the Persian plural suffix '-hā'.

प्रयोग

Frequently employed in classical ghazals to evoke the smoldering fire of passion and the curls of sorrowful smoke.

उदाहरण

मिस्ल-ए-दूद-ए-मिजमरहा रवाँ होना

सोज़-ए-दिल और धुँआ मिजमरहा का

समानार्थी

बख़ूरदानधूपदानअंगीठियाँ

संबंधित शब्द

मिजमरदूदआतिशदानअंगार
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