शब्दार्थ
मिज़ा-हा
mizha-ha
hinoun, plural
अर्थ
पलकें, बरौनियाँ (बहुवचन)।
विस्तार
शास्त्रीय फ़ारसी और उर्दू शायरी में 'मिज़ा-हा' का आशय 'पलकें' होता है, जो 'मिज़ा' का बहुवचन है। काव्य-परंपरा में महबूब की पलकों को तीर के समान दिल को बींधने वाला माना गया है। प्रस्तुत शेर में यह महबूब की लंबी बरौनियों के उस विरह और दुख की ओर संकेत करता है जो आशिक़ झेलता है।
व्युत्पत्ति
Persian: from 'mizha' (eyelash) combined with the Persian plural suffix '-hā'.
प्रयोग
In classical ghazal, the beloved's lashes are conventionally depicted as lethal darts (tir) or blades that afflict the lover with sweet agony.
उदाहरण
तीर-ए-मिज़ा-हा का गहरा घाव
नम मिज़ा-हा पर ठहरे हुए आँसू
समानार्थी
पलकेंबरौनियाँमिज़गाँ
संबंधित शब्द
मिज़ामिज़गाँतीर-ए-मिज़ाचश्म
