शब्दार्थ
मिंक़ार
minqār
hinoun
अर्थ
पक्षी की चोंच।
विस्तार
इसका शाब्दिक अर्थ पक्षी या परिंदे की चोंच है। शास्त्रीय उर्दू शायरी में यह शायर या आशिक़ (बुलबुल) के नग़्मे और फ़रियाद का प्रतीक है। इस शे'र में चोंच को पर के नीचे छुपाना ख़ामोशी, उदासी और बेबसी की हालत को दर्शाता है।
व्युत्पत्ति
Arabic, derived from the triconsonantal root ن-ق-ر (n-q-r), meaning to peck or strike.
प्रयोग
Commonly invoked in ghazals to evoke the image of a captive or grief-stricken songbird whose song has ceased.
उदाहरण
मिंक़ार-ए-बुलबुल से टपका ख़ूँ
ज़ेर-ए-पर जब से हुई मिंक़ार अपनी
समानार्थी
चोंचनोक
संबंधित शब्द
परबुलबुलनालाआशियाना
