शब्दार्थ
मुक़ामिर
muqāmir
hinoun
अर्थ
जुआरी; दाँव लगाने वाला खिलाड़ी।
विस्तार
शास्त्रीय काव्य में 'मुक़ामिर' का अर्थ जुआरी या बाज़ी लगाने वाला होता है। इस शे'र में इसका प्रयोग उन अनुभवी और मंझे हुए प्रतिद्वंद्वियों के लिए हुआ है जो दाँव-पेंच में माहिर हैं, जिनके सामने अनाड़ीपन भारी पड़ सकता है। यह शब्द प्रेम या जीवन को जुए की बाज़ी के रूप में चित्रित करता है।
व्युत्पत्ति
Arabic, derived from the root q-m-r (ق-م-ر) in Form III (مُقَامَرَة, muqāmarah, meaning wagering or gambling); the active participle is مُقَامِر (muqāmir).
प्रयोग
Commonly invoked in Urdu ghazal as a metaphor for lovers or fate risking everything on a single throw of fortune.
उदाहरण
दस्त-ए-मुक़ामिर की चाल
बज़्म-ए-मुक़ामिराँ में सब कुछ हार जाना
समानार्थी
जुआरीक़िमार-बाज़दाँव-गीर
संबंधित शब्द
क़िमारक़िमार-बाज़क़िमार-ख़ानाबाज़ी
