शब्दार्थ
म'ईशत
ma'ishat
hinoun
अर्थ
आजीविका, जीवन-यापन या गुज़ारे का साधन।
विस्तार
उर्दू शायरी में 'म'ईशत' का अर्थ आजीविका, जीवन-निर्वाह या गुज़ारे का ज़रिया होता है। प्रस्तुत शेर में शायर व्यंग्यात्मक लहज़े में कहता है कि ग़म और ग़ुस्सा ही अब उसके जीने का सहारा बन चुके हैं। यह शब्द भौतिक ज़रूरतों के साथ-साथ लाक्षणिक रूप से जीवन के निर्वाह को भी व्यक्त करता है।
व्युत्पत्ति
Arabic, derived from the triconsonantal root ʿ-y-sh (ع-ي-ش), meaning to live, subsist, or dwell.
प्रयोग
Commonly encountered in classical poetry in the compound 'fikr-e ma'ishat' (anxiety over livelihood), symbolizing worldly burdens that conflict with love and contemplation.
उदाहरण
फ़िक्र-ए-म'ईशत में गुज़र गई सारी ज़िंदगी
ग़म ही अब दिल की म'ईशत बन गया है
समानार्थी
रोज़ीगुज़रआजीविकामआश
संबंधित शब्द
ऐशमआशहयात
