शब्दार्थ
भर
bhar
hiparticle
अर्थ
पूरा, सारा, संपूर्ण अवधि अथवा मात्रा।
विस्तार
काव्य में 'भर' एक अव्यय या प्रत्ययवत पद है जो पूरी अवधि, विस्तार या मात्रा का बोध कराता है। इस शेर में यह 'उम्र भर' के रूप में प्रयुक्त हुआ है, जिसका अर्थ 'तमाम उम्र' या 'जीवन भर' है, जो मृत्यु की अनवरत प्रतीक्षा की पीड़ा को व्यक्त करता है। यह समय की अटूट निरंतरता और अंतहीनता को रेखांकित करता है।
व्युत्पत्ति
From Sanskrit भर (bhara, meaning full/bearing/weight), related to the root भृ (bhṛ, to carry, fill).
प्रयोग
In classical ghazal, it commonly attaches to temporal words like 'उम्र' (umr), 'रात' (raat), or 'दम' (dam) to accentuate exhaustive duration or fleeting moments.
उदाहरण
दम भर ठहर जा ऐ जाने वाले
रात भर रोया किए उस यार की याद में
समानार्थी
तमामसारापूरा
संबंधित शब्द
भरनाभराभरपूर
