शब्दार्थ
भड़क
bhadak
hinoun, feminine
अर्थ
आग की लपट, तेज़ चमक या तीव्र जलन।
विस्तार
शास्त्रीय शायरी में 'भड़क' का अर्थ आग की लपट या तीव्र तपन है, जो अक्सर विरह या प्रेम की जलन को दर्शाती है। इस शेर में यह इश्क़ की उस आंतरिक प्यास और आग का प्रतीक है जो बुझने का नाम नहीं लेती।
व्युत्पत्ति
Hindustani, of Prakrit and onomatopoeic origin reflecting a sudden burst or flame.
प्रयोग
Commonly employed in the ghazal to evoke the volatile ignition of passion or the final burst of a dying flame.
उदाहरण
शोलों की तेज़ भड़क
दिल में बुझती हुई भड़क
समानार्थी
लपटशोलाआँच
संबंधित शब्द
भड़कनाभड़काना
