शब्दार्थ
भड़का
bhadka
hiverb
अर्थ
उकसाया हुआ, भड़काया हुआ या आग सुलगाया हुआ।
विस्तार
कविता में इसका तात्पर्य आग को सुलगाने या किसी के क्रोध व ईर्ष्या को भड़काने से है। प्रस्तुत शेर में इसका अर्थ है कि लोगों ने बातें बना-बनाकर महबूब के ग़ुस्से को आशिक़ के ख़िलाफ़ और तेज़ कर दिया है। यह आंतरिक आक्रोश और दुर्भावना को प्रज्वलित अग्नि के रूप में दर्शाता है।
व्युत्पत्ति
From Prakrit / Middle Indo-Aryan onomatopoeic root *bhaḍ- representing sudden bursting or flaring.
प्रयोग
Commonly used in ghazal poetry to describe the instigation of anger by rivals (रक़ीब) or the kindling of the fire of love.
उदाहरण
दबे हुए शोले को फिर भड़का दिया
ग़ुस्से की आग को भड़का रखना
समानार्थी
उकसायासुलगायाहवा दी
संबंधित शब्द
भड़कनाभड़कावआग
