शब्दार्थ

भुनते

bhunte

hiverb

अर्थ

आग में सिकते, कबाब होते या तपते हुए।

विस्तार

इस शे'र में 'भुनते' का आशय इश्क की आग में कबाब की मानिंद सिकने और तपने से है। शायर ने आशिक़ों की महफ़िल को कबाबी की दुकान क़रार दिया है, जहाँ दिल और जिगर आग पर पक रहे हैं। यह शब्द विरह के असह्य दर्द और जलन को दर्शाता है।

व्युत्पत्ति

Derived from Sanskrit 'भ्रस्ज्' (bhrasj, meaning to roast or fry), developing into Prakrit and subsequently Hindustani 'भुनना' (bhunna).

प्रयोग

In classical Urdu ghazal, poets frequently deploy the imagery of roasting or frying (bhunna/kabaab) to represent the intense torment of unrequited love.

उदाहरण

दिल भुनते हैं हिज्र की आग में

अंगारों पर भुनता हुआ दिल

समानार्थी

सिकतेजलतेतपतेसुलगते

संबंधित शब्द

भुननाकबाबआतिशसोज
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