शब्दार्थ

भुनिएगा

bhuniega

hiverb

अर्थ

ग़म या आँच में झुलसना, तपना अथवा कबाब होना।

विस्तार

उर्दू शायरी में यह शब्द आंतरिक संताप और पीड़ा को दर्शाने के लिए अक्सर 'जलने' के साथ प्रयुक्त होता है। इस शेर में इसका अर्थ है ग़म की आग में शरीर का तिल-तिल कर तपना और झुलसना। यह किसी गहरी वेदना और मानसिक बेचैनी को भीतर ही भीतर सहने का भाव देता है।

व्युत्पत्ति

From Sanskrit 'भ्रज्ज्' (bhrajj, to roast or fry), evolving through Prakrit into Hindustani 'भुनना' (bhunnā).

प्रयोग

Most commonly seen alongside 'जलना' (as in the idiom 'जलना-भुनना') to evoke jealousy, anguish, or consuming emotional torment.

उदाहरण

शौक़ की आतिश में जलिए भुनिएगा

ग़म के अंगारों पर यूँ ही भुनिएगा

समानार्थी

झुलसनाकबाब होनासिझना

संबंधित शब्द

जलनासोज़िशतपना
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