शब्दार्थ
भीड़
bheed
hinoun
अर्थ
जनसमूह, हुजूम, लोगों का जमघट।
विस्तार
शायरी में 'भीड़' का अर्थ लोगों के विशाल जमघट, हुजूम या मेले से है। इस शेर में महबूब की अनमोल दौलत या वस्तु ('मता'') से तुलना करते हुए दुकानों पर उमड़ने वाले ख़रीदारों और मुरीदों के ताँते का ज़िक्र किया गया है। यह शब्द बाज़ार में आशिक़ों की दीवानगी और हलचल को रेखांकित करता है।
व्युत्पत्ति
Sanskrit (भीड / भिड् - to encounter, clash, crowd together) through Prakrit and Old Hindi / Hindavi.
प्रयोग
Commonly used in Hindustani poetry to depict worldly commotion, lonely estrangement among masses, or a rush of seekers around beauty.
उदाहरण
कूचा-ए-यार में हर दम वही भीड़ रहती है।
बाज़ार की भीड़ में खुद को तनहा पाया।
समानार्थी
हुजूममजमाअज़दिहामजमघट
संबंधित शब्द
बाज़ारखरीदारदुकानमता'
