शब्दार्थ

भागे

bhāge

hiverb

अर्थ

भागता है, दूर हटता है, पलायन करता है।

विस्तार

शास्त्रीय काव्य में 'भागे है' का प्रयोग वर्तमान काल के रूप 'भागता है' के अर्थ में हुआ है। इस शेर में वीराना या जंगल (बयाबाँ) शायर की बेचैन रफ़्तार और दीवानगी को देखकर डर के मारे उससे दूर भागता हुआ चित्रित किया गया है। यह प्रेमी की आंतरिक व्यथा और अथक भटकन की तीव्रता को दर्शाता है।

व्युत्पत्ति

From Prakrit 'bhagga' (fled, routed), derived from Sanskrit 'भञ्ज्' (bhañj, to break or flee).

प्रयोग

In classical poetry, verbal forms ending in '-e hai' often function where contemporary Urdu uses the imperfective '-tā hai'.

उदाहरण

साया भी वहशत में भागे है धूप से।

हर नक़्श-ए-क़दम से हर सू भागे है बयाबाँ।

समानार्थी

दौड़ेपलायन करेफ़रार हो

संबंधित शब्द

भागनारफ़्तारगुरेज़वहशत
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