शब्दार्थ

बहस

bahas

hinoun

अर्थ

वाद-विवाद, तकरार, हुज्जत या चर्चा।

विस्तार

शास्त्रीय शायरी में 'बहस' का आशय तर्क-वितर्क, दलीलबाज़ी या तकरार से है। इस शे'र में यह अपने ही ज़ख़्मी दिल और जिगर से व्यर्थ वाद-विवाद को दर्शाता है, जहाँ दोनों की बर्बादी एक समान है। यह गहरी पीड़ा के सम्मुख किसी भी दलील की निरर्थकता को व्यक्त करता है।

व्युत्पत्ति

Arabic baḥth (بحث), derived from the root b-ḥ-th signifying searching, probing, or investigating.

प्रयोग

Often invoked in the ghazal to contrast sterile intellectual reasoning with the unyielding reality of love and sorrow.

उदाहरण

बहस-ओ-मुबाहिसा से क्या हासिल

दिल के मामलों में बहस फ़िज़ूल है

समानार्थी

तकरारहुज्जतवाद-विवाद

संबंधित शब्द

मुबाहिसाहुज्जतगुफ़्तुगूतकरार
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