शब्दार्थ
बहरा
behrā
hiविशेषण (adjective)
अर्थ
जिसे सुनाई न दे; बधिर।
विस्तार
इसका शाब्दिक अर्थ है जिसे सुनाई न देता हो या जो बधिर हो। इस शेर में शायर अपने बहरेपन को एक शोख़ बहाने की तरह इस्तेमाल करता है, ताकि माशूक़ को अपनी बात दोबारा दोहरानी पड़े और उसका ध्यान दुगुना हासिल हो सके।
व्युत्पत्ति
Sanskrit बधिर (badhira) > Prakrit बहिर (bahira) > Hindustani बहरा (bahra/behra).
प्रयोग
In classical ghazal, deafness is used either humorously to coax the beloved into speaking repeatedly, or metaphorically to ignore the advice of the moralizer (nāsih).
उदाहरण
बहरा बनके तेरी हर बात दोबारा सुनना
नासेह की नसीहत पर बहरा हो जाना
समानार्थी
बधिरनाशुनवाकम-सुनवा
संबंधित शब्द
सुननाकानआवाज़समाअत
