शब्दार्थ
बहाराँ
bahārāñ
hinoun
अर्थ
वसंत ऋतु; बहार का बहुवचन या काव्यात्मक रूप।
विस्तार
उर्दू और फ़ारसी शायरी में 'बहाराँ' शब्द 'बहार' (वसंत) का बहुवचन है, जो ऋतु की परिपूर्णता, तीव्रता और शोभा को व्यक्त करता है। प्रस्तुत शे'र में वसंत ऋतु का मानवीकरण किया गया है, जो महबूब के अभाव में आशिक़ को आनंद देने के बजाय बाग़ को आग और अंगारों में तब्दील कर देने वाली साबित होती है। यहाँ लाल फूलों की प्रचुरता को विरह की तपन और दहकते अख़गर के रूप में देखा गया है।
व्युत्पत्ति
Persian (bahār + plural suffix -ān).
प्रयोग
In the classical ghazal, it is frequently used to accentuate the tragic irony of separation, where nature's celebratory bloom only sharpens the lover's inner grief.
उदाहरण
आई जो बहाराँ तो खिले दश्त में लाला
तेरे बग़ैर बहाराँ भी आग जैसी है
समानार्थी
मौसम-ए-गुलवसंतरबीअ
संबंधित शब्द
बहारगुलशनगुलज़ारख़िज़ाँ
