शब्दार्थ

बहुत

bahut

hiadverb / adjective

अर्थ

अत्यधिक, बहुत ज़्यादा, बेहद, निहायत।

विस्तार

शास्त्रीय शायरी में 'बहुत' का प्रयोग ज़्यादती या पराकाष्ठा दर्शाने वाले प्रविशेषण के रूप में होता है। ग़ालिब के इस शेर में यह 'बे-आबरू' के साथ लगकर प्रेमी की चरम रुसवाई और अपमान की तीव्रता को व्यक्त करता है। यह तुलना करता है कि प्रेमी की जिल्लत आदम के जन्नत से निकाले जाने से भी कहीं बढ़कर थी।

व्युत्पत्ति

Sanskrit बहु (bahu, 'much, many') / बहुत्व (bahutva), evolving through Prakrit into Hindustani बहुत (bahut).

प्रयोग

Commonly used in ghazals to intensify emotional states such as grief, desire, or profound helplessness.

उदाहरण

बहुत निकले मिरे अरमाँ लेकिन फिर भी कम निकले

बहुत कुछ कह दिया ख़ामोशी ने

समानार्थी

ज़्यादाअत्यधिकबेहदनिहायत

संबंधित शब्द

बहुतायतबे-हिसाबबेशी
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