शब्दार्थ
बस
bas
hiinterjection / adverb
अर्थ
काफ़ी, बहुत हुआ, रुक जाओ, केवल।
विस्तार
उर्दू शायरी में 'बस' का प्रयोग किसी अतिशयता को रोकने के लिए पुकार अथवा ताकीद के रूप में होता है। इस शे'र में यह रोने (गिर्या) को संबोधित करते हुए कहता है कि अब बहुत हो चुका, थम जाओ, वरना सारा जहाँ डूब जाएगा। यह विवशता, समाप्ति और पर्याप्तता का भाव व्यक्त करता है।
व्युत्पत्ति
Persian 'بَس' (bas), meaning enough, sufficient, or stop.
प्रयोग
Commonly deployed in the ghazal to signal weary resignation, a demand to halt tears or cruelty, or to mean 'merely'.
उदाहरण
बस ऐ दिल बहुत रो चुके
बस इक निगाह पे ठहरा हुआ फ़साना था
समानार्थी
काफ़ीबहुतफ़क़त
संबंधित शब्द
बस-किबेबसहद्द
