शब्दार्थ

बरहना-पाई

barhana-pāī

hinoun

अर्थ

नंगे पाँव होना; नंगे पैरों चलने की अवस्था।

विस्तार

शास्त्रीय शायरी में 'बरहना-पाई' का अर्थ नंगे पाँव होने की दशा है, जो इश्क़ में जुनून और वैराग्य का प्रतीक मानी जाती है। प्रस्तुत शे'र में शायर कहता है कि सहरा के काँटे उलझनें सुलझाने वाले हैं, इसलिए नंगे पाँव चलने का गिला न करो। यह शब्द सांसारिक सुखों के त्याग और आशिक़ की विवशता को व्यक्त करता है।

व्युत्पत्ति

Persian: composed of 'barhana' (naked, bare) + 'pā' (foot) + abstract noun suffix '-ī'.

प्रयोग

Conventionally used in the ghazal to evoke the suffering and total self-abandonment of Majnoon-like lovers wandering the desert.

उदाहरण

सहरा में बरहना-पाई का सफ़र

कम कर गिला-ए-बरहना-पाई

समानार्थी

पा-बरहनगीबे-कफ़शीनंगे-पाँव

संबंधित शब्द

बरहना-पाआबला-पाख़ार-ए-सहराजुनूँ
← शब्दकोश पर वापस