शब्दार्थ
बरक़
barq
hinoun
अर्थ
आकाशीय बिजली, कौंध, विद्युत।
विस्तार
शास्त्रीय शायरी में 'बरक़' का तात्पर्य आकाशीय बिजली या कौंध से है, जो तीव्रता और क्षणभंगुरता का रूपक है। प्रस्तुत शेर में यह 'बरक़-ए-शित्ताब' के रूप में जीवन की तीव्र गति और अल्पकालिकता को रेखांकित करता है। ग़ज़ल में यह अक्सर आशिक़ के नशेमन (घोंसले) को भस्म करने वाली शक्ति के रूप में भी प्रयुक्त होती है।
व्युत्पत्ति
Arabic (بَرْق, barq), meaning lightning or flash.
प्रयोग
In the ghazal tradition, it frequently symbolizes either the fleeting nature of life or the catastrophic fire that destroys the lover's symbolic abode.
उदाहरण
बरक़ गिरती है तो बेचारे नशेमन पे गिरे
उम्र-ए-रवाँ मिसाल-ए-बरक़ गुज़र गई
समानार्थी
बिजलीदामिनीचपला
संबंधित शब्द
बरक़-ए-तजल्लीआशियाँशित्ताबसईक़ा
